By Bharat Diary News Desk | Updated: April 19, 2026

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर लोगों के बीच लगातार भ्रम और नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि मीटर तेजी से चल रहा है और रिचार्ज करते ही बैलेंस खत्म हो जाता है।

इसी बीच फतेहपुर में विद्युत विभाग के एक्सईएन (अधिशासी अभियंता) रत्नेश जायसवाल ने इन सभी सवालों पर खुलकर जवाब दिया और लोगों की शंकाओं को दूर करने की कोशिश की।


⚡ क्या स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाना अनिवार्य है?

एक्सईएन रत्नेश जायसवाल के अनुसार, यह धारणा गलत है कि स्मार्ट मीटर स्वेच्छा से लगाए जाएंगे।

👉 1 अप्रैल को जारी गजट के अनुसार:

  • जहां नेटवर्क उपलब्ध है → प्रीपेड स्मार्ट मीटर अनिवार्य
  • जहां नेटवर्क नहीं है → पोस्टपेड मीटर लगाया जाएगा

👉 फतेहपुर में नेटवर्क 100% उपलब्ध है, इसलिए यहां सभी उपभोक्ताओं को स्मार्ट प्रीपेड मीटर ही लगवाना होगा।


🔍 क्यों लगता है कि मीटर तेजी से चल रहा है?

कई उपभोक्ताओं की शिकायत है कि:

  • मीटर बहुत तेजी से यूनिट दिखा रहा है
  • रिचार्ज करते ही बैलेंस खत्म हो जाता है

👉 इस पर एक्सईएन ने साफ किया:

  • अगर पहले का कोई बकाया है
  • या मीटर में पुरानी रीडिंग स्टोर है

👉 तो रिचार्ज करते ही:

  • 10% से 25% तक राशि स्वतः कट जाती है

👉 इसी वजह से लोगों को लगता है कि बैलेंस तुरंत खत्म हो गया।


💰 एडवांस रिचार्ज पर मिलेगा फायदा

एक्सईएन ने बताया कि अगर उपभोक्ता का कोई बकाया नहीं है और वह एडवांस रिचार्ज करता है, तो उसे लाभ भी मिलता है।

👉 उदाहरण:

  • ₹1000 रिचार्ज → ₹1020 तक की बिजली उपयोग

👉 यानी 2% अतिरिक्त लाभ दिया जा रहा है।


📊 जिले में कितने मीटर लगे?

फतेहपुर जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है:

  • कुल उपभोक्ता: 1.72 लाख
  • लगाए गए स्मार्ट मीटर: 68,000
  • प्रीपेड में बदले गए: 64,000

👉 आने वाले समय में सभी कनेक्शन स्मार्ट मीटर में बदल दिए जाएंगे।


🏙️ शहरी और ग्रामीण बिजली दरें

🏢 शहरी क्षेत्र:

  • 150 यूनिट तक: ₹5.50 प्रति यूनिट
  • 151–300 यूनिट: ₹6.00
  • 300+ यूनिट: ₹6.50

🌾 ग्रामीण क्षेत्र:

  • 100 यूनिट तक: ₹3.35
  • 101–150 यूनिट: ₹3.85
  • 150+ यूनिट: ₹5.50

⚠️ उपभोक्ताओं की क्या है परेशानी?

लोगों का कहना है:

  • अचानक बैलेंस खत्म हो जाता है
  • खर्च ज्यादा दिख रहा है
  • सिस्टम समझ में नहीं आता

👉 खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्मार्ट मीटर समझने में दिक्कत हो रही है।


🧠 विभाग क्या कह रहा है?

बिजली विभाग का कहना है:

  • मीटर पूरी तरह पारदर्शी है
  • रीडिंग सही आती है
  • कोई गड़बड़ी नहीं है

👉 लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है।


📌 निष्कर्ष

स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। हालांकि, उपभोक्ताओं की समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।

आने वाले समय में यह देखना होगा कि यह नई व्यवस्था लोगों के लिए राहत बनती है या परेशानी।


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