बांदा (उत्तर प्रदेश)। जनपद बांदा में ध्वनि प्रदूषण और यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। 18 अप्रैल 2026 को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जिले के सभी वाहन डीलरों, मोटर गैराज संचालकों और वर्कशॉप मालिकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर जैसे उपकरणों की बिक्री और इंस्टॉलेशन पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह बैठक परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़कों पर बढ़ते शोर प्रदूषण और उससे होने वाली समस्याओं को नियंत्रित करना था। बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को अब किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
🔊 ध्वनि प्रदूषण पर क्यों सख्ती जरूरी?
मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल आजकल युवाओं में ट्रेंड बन गया है। तेज आवाज वाले साइलेंसर और हाई प्रेशर हॉर्न न सिर्फ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं, बल्कि इससे स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार तेज आवाज के संपर्क में रहने से सुनने की क्षमता पर असर पड़ता है, मानसिक तनाव बढ़ता है और दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है।
इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है।
⚖️ गैराज संचालकों के लिए कड़ी चेतावनी
बैठक में साफ कहा गया कि जो भी गैराज या वर्कशॉप मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न या हूटर बेचते या लगाते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 182ए(3) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
👉 इस धारा के तहत:
- प्रति मामले ₹1,00,000 तक का जुर्माना
- बार-बार उल्लंघन पर और कड़ी कार्रवाई संभव
परिवहन विभाग ने यह भी कहा कि गैराज संचालक केवल मानक (स्टैंडर्ड) उपकरणों का ही उपयोग करें और किसी भी अवैध मॉडिफिकेशन से बचें।
🚗 वाहन मालिकों पर भी होगी कार्रवाई
सिर्फ गैराज संचालक ही नहीं, बल्कि वाहन मालिक भी इस कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
यदि कोई व्यक्ति अपने वाहन में बाद में मॉडिफाइड साइलेंसर या प्रेशर हॉर्न लगवाता है, तो उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 182ए(4) के तहत कार्रवाई होगी।
👉 इस धारा के तहत:
- 6 महीने तक की जेल
- या ₹5,000 तक का जुर्माना
- या दोनों
इससे साफ है कि अब वाहन मालिकों को भी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
🚨 सार्वजनिक स्थानों पर शोर फैलाने पर सख्त दंड
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर शोर नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मोटरयान अधिनियम की धारा 190(2) लागू होगी।
👉 इस धारा के तहत:
- पहली बार अपराध पर:
- 3 महीने तक की सजा
- ₹10,000 तक जुर्माना
- 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन
यह प्रावधान विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो सड़कों पर अनावश्यक शोर फैलाते हैं।
📌 आरसी निलंबन का भी प्रावधान
परिवहन विभाग ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई वाहन नियमों का लगातार उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसकी आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) भी निलंबित की जा सकती है।
इसका मतलब है कि वाहन सड़क पर चलाने के लिए अवैध घोषित हो जाएगा।
👮 चेकिंग अभियान होगा तेज
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिलेभर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
- ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे
- बिना अनुमति मॉडिफाइड वाहन तुरंत जब्त किए जा सकते हैं
- मौके पर ही चालान काटे जाएंगे
इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ चालान करना नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी है।
📢 जनता से अपील
परिवहन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि:
- अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध मॉडिफिकेशन न कराएं
- प्रेशर हॉर्न और हूटर का इस्तेमाल न करें
- सड़क पर शांति बनाए रखें
यह कदम न केवल कानून का पालन है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी है।



